बस्ती सहित पूरे यूपी में अवैध विद्यालयों का मायाजाल

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मुकेश गुप्ता की रिपोर्ट
बस्ती

बस्ती सहित पूरे उत्तर प्रदेश में अवैध विद्यालयों का मायाजाल चल रहा है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई भी कार्यवाही नही करते हैं जिससे उनकी मंशा पर ही सन्देह पैदा होता है।
मिली जानकारी के अनुसार आर के पाण्डेय एडवोकेट हाई कोर्ट ने वर्ष 2017 में ही बस्ती जनपद के सैकड़ों अवैध विद्यालयों की शिकायत किया था जिसके सम्बन्ध में तत्कालीन बीएसए बस्ती ने यह रिपोर्ट दी थी कि इन सभी अवैध विद्यालयों पर कार्यवाही की जा रही है व उनकी मान्यता की पत्रावली प्रक्रियाधीन है परन्तु दो वर्ष के लंबे समयांतराल के बावजूद कोई कार्यवाही न करने से जिम्मेदार अधिकारियों की मंशा पर ही सवाल खड़े होते हैं। बता दें कि आरटीई ऐक्ट,2009 की धारा 18 के अनुसार बिना मान्यता प्राप्त किये कोई भी विद्यालय खोला ही नही जा सकता है तो फिर प्रयागराज व बस्ती सहित पूरे उत्तर प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त, मानक विहीन, अवैध व अमान्य विद्यालय अनवरत संचालित ही क्यों हैं? बड़ा सवाल यह है कि यदि इन अवैध विद्यालयों से बीएसए व एबीएसए आदि अधिकारियों का व्यक्तिगत हित नही है तो फिर वे कार्यवाही क्यों नही करते हैं? शिकायतकर्ता आर के पाण्डेय एडवोकेट ने बताया है कि वर्ष 2017 में उन्होंने बस्ती जनपद के हर्रैया तहसील अंतर्गत परशुराम व हर्रैया थानांतर्गत सैकड़ों अवैध विद्यालयों की शिकायत की थी लेकिन कार्यवाही न होने पर दो साल बाद पुनः शिकायत की गई है। वर्तमान समय मे परशुरामपुर के 37 तथा हर्रैया के 13 अवैध विद्यालयों की शिकायत अभी तक आईजीआरएस व पंजीकृत डाक से की गई है जिनमे हर्रैया में विधवाश्रम को कब्जा करके संचालित साक्षी एकेडमी आदि विद्यालय शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने सरकार से मांग की है कि वह अगले 15 दिन में पूरे यूपी में अवैध विद्यालयों का औचक निरीक्षण कराए व जिन जनपदों में अवैध व मानक विहीन विद्यालय मिलें वहां के एबीएसए व बीएसए को सीधे बर्खास्त किया जाए जिससे दूसरों को सबक मिल सके। फिलहाल आर के पाण्डेय एडवोकेट द्वारा अपने एनजीओ परमेंदु वेलफेयर सोसाइटी के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है व इस अभियान के तहत पूरे यूपी में तमाम अवैध विद्यालय बन्द हुए है व अनेकों पर एफआईआर दर्ज होने व उनके सीजड होने के बाद तमाम अवैध विद्यालय चार्जशीटेड भी हुए हैं।

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