खबर का असर- भ्रष्टाचार की आग के आगे नोटरी अधिवक्ता ने खड़े किए हाथ

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मुकेश गुप्ता की रिपोर्ट
प्रयागराज

प्रयागराज के बीएसए संजय कुमार कुशवाहा व उनके साथियों के फर्जी व अवैध नोटरी एफीडेविट के भ्रष्टाचार की आग के आगे नोटरी एडवोकेट ने अपने हाथ खड़े कर दिए जिसे शिकायतकर्ता ने खबर का असर बताया है।
जानकारी के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग की कुछ शिकायतों के संदर्भ में संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए प्रयागराज, रमेश तिवारी, एडी बेसिक प्रयागराज व सम्बंधित प्रबन्धक के द्वारा संयुक्त रूप से हाई कोर्ट इलाहाबाद के एक समाजसेवी अधिवक्ता आर के पाण्डेय की फर्जी व अवैध नोटरी एफीडेविट बनाकर व उसका उपयोग करके शिकायतों का फौरी तौर पर निस्तारण कर दिया था जिसकी जानकारी हो जाने पर प्रभावित अधिवक्ता ने उपरोक्त बीएसए आदि के खिलाफ लिखित शिकायत कर दी तथा मानहानि का विषय मानकर उपरोक्त बीएसए आदि के साथ ही नोटरी एडवोकेट को भी रु0 एक करोड़ की लीगल नोटिस दी थी जिसे तमाम समाचार पत्रों व न्यूज पोर्टल ने प्रकाशित भी कर दिया था जोकि आजकल पूरे उत्तर प्रदेश में वायरल हो गया है। इस खबर के असर ने पूरे बेसिक शिक्षा विभाग को ही हिलाकर रख दिया है। पता चला है कि कल ही आरोपी नोटरी एडवोकेट ने प्रभावित पीड़ित शिकायतकर्ता अधिवक्ता को लिखित जवाब देते हुए इस फर्जी व अवैध नोटरी पल्ला ही झाड़ लिया है जिससे मामला और पेचीदा हो गया है। उधर शिकायतकर्ता का कहना है कि जब खुद नोटरी एडवोकेट ने मामले से पल्ला झाड़कर उसमें स्वयं की संलिप्तता से इनकार कर दिया है तो यह मामला यह स्पष्ट करता है कि आरोपी बीएसए आदि ने खुद ही कूटरचित दस्तावेज तैयार करके उसका उपयोग किया है। अतएव आरोपी बीएसए आदि का लाइडिटेक्टर टेस्ट व नार्को टेस्ट कराकर इस फर्जी व अवैध नोटरी एफीडेविट कांड का खुलासा किया जाना चाहिए। फिलहाल तो इस एफीडेविट के चक्कर से पूरा बेसिक शिक्षा विभाग ही चक्कर खा गया है।

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