बीएसए के भ्रष्टाचार की आंच नोटरी एडवोकेट तक पहुंची, फर्जी एफिडेविट से भ्रस्टाचार का है मामला, बीएसए, एडी बेसिक, प्रबन्धक के बाद अब नोटरी एडवोकेट को भी रु0 एक करोड़ की लीगल नोटिस, दबाव में शिकायतकर्ता को हत्या की धमकी

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रिपोर्टर मुकेश गुप्ता की रिपोर्ट
प्रयागराज

प्रयागराज जनपद के बीएसए संजय कुमार कुशवाहा व उनके साथियों द्वारा हाई कोर्ट के एक अधिवक्ता की फर्जी नोटरी एफिडेविट से किये गए भ्रष्टाचार का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है व अब इसकी जांच नोटरी एडवोकेट तक पहुंच गई है जिसे शिकायतकर्ता ने रु0 एक करोड़ की लीगल नोटिस भेजा है।
जानकारी के अनुसार परमेंदु वेलफेयर सोसाइटी के प्रबन्धक आर के पाण्डेय एडवोकेट ने जरिये शिकायत स0 40017518015655 व 40017518027069 आईजीआरएस पर व सक्षम अधिकारियों से बेसिक शिक्षा विभाग में व्यापक पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार की शिकायत की थी जिसमे संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए प्रयागराज व अन्य अधिकारियो पर भी आरोप था। इन सभी प्रकरण में संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए प्रयागराज, रमेश तिवारी, एडी बेसिक, प्रबन्धक आदि ने आर बी सिंह, नोटरी एफीडेविट इलाहाबाद के साथ मिलकर शिकायतकर्ता अधिवक्ता के नाम की ही एक कूटरचित दस्तावेज फर्जी नोटरी एफीडेविट बनाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया था जिसकी जानकारी होने पर शिकायतकर्ता ने बीएसए आदि के विरुद्ध आन लाईन व आफ लाईन शिकायत कर दी व उन्हें रु0 एक करोड़ की लीगल नोटिस दी थी परन्तु आरोपी बीएसए ने नोटिस का कोई भी जवाब नही दिया बल्कि नियमो के विपरीत खुद के आरोप का खुद के ही पक्ष में मनमाना निस्तारण जारी रखा। उधर इसी प्रकरण में पीड़ित ने फर्जीवाड़ा व मानहानि का मामला बताकर बीते 24 अप्रैल 2019 को ही आर बी सिंह, नोटरी एडवोकेट को भी रु0 एक करोड़ की लीगल नोटिस दिया है जिसके बाद आरोपी संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए प्रयागराज व उसके साथियों के तरफ से शिकायतकर्ता आर के पाण्डेय एडवोकेट को जान से मारने की धमकी दी जा रही है जिसकी शिकायत भी आर के पाण्डेय एडवोकेट ने उच्च अधिकारियों से करते हुए अपनी हत्या या अस्वाभाविक मौत होने पर उपरोक्त आरोपियों के विरुध्द आपराधिक मुकदमा दर्ज करके विधिक कार्यवाही की मांग की है।
फ़िलहाल इस फर्जी एफीडेविट के चक्कर ने पूरे बेसिक शिक्षा विभाग को ही चक्कर मे डाल दिया है। यह भी बताया जा रहा है कि आरोपी बीएसए उ0प्र0 के उप मुख्यमंत्री का बेहद करीबी होने के कारण खुद को यूपी टॉप अधिकारी मानता है। उधर शिकायतकर्ता ने भ्र्ष्टाचार मुक्त भारत अभियान के तहत सुप्रीम कोर्ट व राष्ट्रपति तक इस प्रकरण की शिकायत करते हुए चुनाव आयोग से भी आरोपी बीएसए के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है।

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