प्रधानमन्त्री आवास की आस में दर दर भटकने को मजबूर है महिला, आखिर कौन सुने फरियाद?

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तालिब अंसारी की रिपोर्ट

भले ही सरकार स्वच्छता अभियान पर लाखों रुपए खर्च कर दें यदि पात्रों को आवास व शौचालय का लाभ न मिले तो भलां योजना किस काम की। स्वच्छ भारत मिशन को आइना दिखाते हुए लोग आज भी शौचालय के लिए परेशान होकर खेतों में जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार मऊ आइमा नगर पंचायत क्षेत्र के हजियाना की एक महिला दर दर भटक रही है आशवासन के बावजूद भी आज तक आवास नही मिला, जैबुननिसा पत्नी मो वकील पूरी तरह से गरीब है, ये महिला 3 साल से नगर पंचायत की चक्कर काट रही है आज तक ना प्रधानमन्त्री आवास मिला और ना ही शौचालय ही।
जानकारों का यह भी दावा है कि इस महिला का प्रधानमनत्री आवास की लिस्ट मे 2017 में नाम आया था, लेकिन आज तक प्रधानमन्त्री आवास नही मिला, महिला अपने छोटे छोटे बच्चो को लेकर खुले आसमान के नीचे रह रही है, योगी सरकार व मोदी सरकार के आदेशों को नगर पंचायत मऊआइमा के कर्मचारी अधिकारी धज्जियां उङा रहे है, आखिर नगर पंचायत मऊआइमा में हो रहे विकास कार्यों की जांच करेगा कौन, यह लोगों का सवाल है।

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