जाल साजो पर मुकदमा दर्ज, आप भी रहे सावधान, पीड़ितों ने ठगी का लगाया आरोप

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आर के पाण्डेय
प्रयागराज

रेलवे बैंक ईफको आदि सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले मेन ठग उत्कर्ष पाल पुत्र सीताराम पाल निवासी वैस्वारा लालगंज रायबरेली व उसका जीजा संदीप पाल निवासी मेजा प्रयागराज (इलाहाबाद) ये दोनों के नाम पहले से FIR भी दर्ज है जबकि संदीप पाल पुत्र राजेश पाल निवासी गोसौरा उर्वा मेजा प्रयागराज अभी कुछ दिन पहले ही जेल से छूटा है जबकि उसका साला उत्कर्ष पाल अभी भी लखनऊ जेल मे बंद है ।
पीडि़तो का आरोप है कि आरोपी ने उनसे करीब दो साल पहले सभी से अगल अलग तारीख व जगह पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखो रुपए ठग लिए लेकिन उन्हे अभी तक नौकरी नहीं मिली आरोप है कि ठगी करने वाले ने उतर प्रदेश समेत कई अन्य प्रदेशो मे करीब दो दर्जन से ज्यादा लोगों को अपना ठगी का शिकार बनाया और बाद में जान बूझ कर जेल चला गया की लोगो का पैसा न देना पढ़े पीड़ित बच्चों ने जब उत्कर्ष पाल के घर जाके उसके पिता से बेटे की काली करतूत की कहानी बया की तो आरोपी का पिता सीताराम पाल जो PWD मे सहायक ठेकेदारी का काम करता है उसने बताया कि मेरे बेटे से मुझसे कोई मतलब नही है जाओ बेटे से पैसे लो मेरे पास अब मत आना वरना डंडो से खाल खींच लूंगा मार मार के तुम लोगो की जबकि ठगी का शिकार हुये लोगो का कहना था कि पूरे परिवार के मिलीं भगत से ये ठगी का काला करोबार किया जा रहा था। ठगी का शिकार हुए नवीन प्रयागराज ने बताया कि वह परिवार के साथ रहकर किसी तरह काम कर गुजर बसर करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात संदीप पाल मेजा प्रयागराज से हुई। संदीप ने बताया कि मेरा रिश्तेदार साला उत्कर्ष पाल दिल्ली गाजियाबाद में रहता है और उसकी पकड़ योगी सरकार मे है सरकारी नौकरी लगवा देगा। इसके बदले उसे 5 लाख रुपए देने होंगे। बेरोजगारी की मार जेल रहे नवीन सरकारी नौकरी के चक्कर में आ कर अपने रिश्तेदारी व इधर उधर से पैसा ले के संदीप पाल को दे दिया संदीप की बातों में आ गया और उसे एक साल पहले 5 लाख रुपए दे दिए। नवीन ने बताया कि इस दौरान संदीप पाल ने करीब 4 उसके जानने वालों को भी ठग लिया और किसी को नौकरी भी नहीं दिलाई। नवीन ने बताया कि उसे पता चला कि वह कुछ दिन पहले रायबरेली छोड़ कर दिल्ली मे रहता था लेकिन अब संदीप पाल प्रयागराज उत्कर्ष पाल रायबरेली का कोई पता नहीं चला तो बाद मे मीडिया के माध्यम से मालूम हुआ की उत्कर्ष पाल जेल में है और उसका जीजा संदीप कुमार अभी भी लखनऊ मे किसी जगह ऑफिस बना के ठगी करता है लोगो के मुताबिक न ही उसके दिए हुए कोई नंबर पर संपर्क हो रहा है और न ही बताए गए पता पर कोई मिलता है।

ठग का वायरल फोटो

जानकारी के अनुसार ठगी का शिकार हुए लोगो मे वंसराज मौर्या जिला गाजीपुर 7 लाख रुपये लगभग
सुभाष कुमार जिला कौशांबी 3 लाख रुपये लगभग
शानिया बानो जिला मुरादाबाद 2 लाख रुपये लगभग
नवीन जिला प्रयागराज 5 लाख रुपये लगभग
अदिति जिला प्रयागराज 3 लाख रुपये लगभग
दिनकर जिला बाराबंकी 2 लाख रुपये लगभग
मिथलेश जिला उन्नाव 80 हजार रुपये लगभग
संगीता यादव कानपुर 50 हजार रुपये लगभग
ये जाहिर आरोप है, न जाने कितने और लोगो के आरोप होंगे जो सामने आना बाकी है।

आरोप पत्र की प्रति 1
आरोप पत्र की प्रति 2
आरोप पत्र की प्रति 3

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