बीएसए ने आरईटी ऐक्ट व शासनादेशों की उड़ाई धज्जियां, मानकविहीन अवैध विद्यालयों को दी अवैध मान्यता- अधिवक्ता आर के पाण्डेय

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पर्दाफ़ाश न्यूज़ टीम
नैनी, प्रयागराज

प्रयागराज के बीएसए संजय कुमार कुशवाहा पर भ्रष्टाचार का बड़ा साबित आरोप लगा है व उसके जांच कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री से शिकायतकर्ता ने गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार आरटीआई ऐक्ट,2009 की धारा 18(1),(2),(3),(4),(5) बिना मान्यता के अवैध व अमान्य विद्यालयों के संचालन पर प्रतिबंध लगाती है परंतु स्वयं एबीएसए कौंधियारा के पत्रांक/392 व 393 व 394/2015-16 दिनांक 16/09/2015 के अनुसार व प्रत्यक्ष में आज भी हजारों गैर मान्यता प्राप्त अवैध व अमान्य विद्यालय संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए प्रयागराज की कृपा से चल रहे हैं। सम्बंधित मामले में आर के पाण्डेय समाजसेवी अधिवक्ता ने सक्षम अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कार्यवाही न होने पर वह मुख्यमंत्री व राज्यपाल आदि से भी शिकायत करने के बाद मा0 न्यायालय की शरण मे गए जिसके बाद कुछ अवैध विद्यालयों के विरुध्द विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज हुई व विवेचक ने उन्हें चार्जशीटेड किया तथा कुछ विद्यालय सील भी किये गए लेकिन इन सबके के बीच व्यक्तिगत लाभ के चलते बीएसए ने तमाम अवैध विद्यालयो को अवैध तरीके से मान्यता दे दी जिनकी शिकायत पर विभह सिंह, जांच अधिकारी की टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट में खुलासा किया है कि मान्यता मानक के विपरीत दी गई है फिर भी बीएसए अवैध विद्यालयों को बचाने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं।विगत दो वर्षों से आर के पाण्डेय एडवोकेट लगातार बीएसए आदि के खिलाफ शिकायत करते रहे व मुख्य सचिव उ0प्र0 ने पत्रांक संख्या: 1/2018/117/पैंतीस- 2-2018-3/39(4)/18 दिनांक 08 फरवरी, 2018 को जारी करके स्पष्ट कर दिया है कि आरोपी अधिकारी स्वयं पर लगे आरोपो की जांच नही करेगा अन्यथा दण्डनीय होगा परन्तु उपरोक्त शासनादेशों व उच्च अधिकारियों के आदेशों को ढेंगा दिखाते हुए बीएसए ने खुद पर लगे आरोपो का खुद के पक्ष में ही खुद ही निस्तारण कर लिया व जब बीएसए के खिलाफ आरोप साबित हो गए तो पहले तो उसके स्टेनो सुरेश पटेल ने शिकायतकर्ता को धमकाया व बताया कि संजय कुमार कुशवाहा बीएसए एक उप मुख्यमंत्री के करीबी है तो उनके वितुद्ध कार्यवाही होगी ही नही इसके बाद भी जब शिकायते जारी रही तो उपरोक्त बीएसए ने खुद ही शिकायतकर्ता का फर्जी नोटरी एफिडेविट बनाकर शिकायत का निस्तारण कर लिया जिसपर शिकायतकर्ता ने रु0 एक करोड़ की लीगल नोटिस भेजी थी। इन सबके बीच शिकायतकर्ता का आरोप है कि अवैध विद्यालयों का संचालन व मनमानी मान्यता प्रदान करना आज भी बदस्तूर जारी है। आर के पाण्डेय एडवोकेट ने मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री से मांग की है कि उनके साथ संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए प्रयागराज का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराते हुए उच्च स्तरीय जांच कार्यवाही की जाए व एक भृष्ट अधिकारी को दंडित किया जाए। उन्होंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि निष्पक्ष चुनाव के लिए उपरोक्त बीएसए को तत्काल प्रयागराज से हटाया जाए। शिकायतकर्ता का कहना है कि एक भृष्ट अधिकारी सबपर भारी कैसे हो सकता है। भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए इन भृष्ट अधिकारियों पर कार्यवाही तत्काल आवश्यक है।

अधिवक्ता आर के पाण्डेय

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