बगुलहवा में जश्ने दस्तार हिफ़्ज़ व केरात प्रोग्राम

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अजीज अहमद
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

थाना क्षेत्र के ग्राम बगुलहवा स्थित दारूल उलूम अरबिया अहले सुन्नत यार अलविया में जश्ने दस्तार हिफ़्ज़ व केरात कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें 14 छात्रों की दस्तारबंदी की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लख़नऊ के मौ० मुफ़्ती कमालुद्दीन साहब ने कहा कि लोग इस्लाम के रास्ते से भटक गए हैं। इस्लाम ऐसा पाकीजा मजहब है जो पाकीजगी को पसंद करता है। पड़ोसियों की मुसीबतों में काम आना बताया गया है। यहां तक कह गया है कि पड़ोसियों के भूखा रहने पर मुसलमानों का खाना बेकार है। उन्होंने इल्म हासिल करने पर भी विस्तृत चर्चा की। मौ० अब्दुल्लाह आरिफ सिद्दीकी ने कहा कि इल्म हासिल करना निहायत की अहम है क्योंकि बिना इल्म के इंसन जानवर के समान होता है। ऐसे लोगों में सच और झूठ में फर्क करने और सही मायनों में जिंदगी गुजारने की सलाहियत नही होती। इस्लाम में इल्म हासिल करने के लिए हर मुश्किल का सामना करने को कहा गया है। कार्यक्रम में बहराईच शरीफ के शायर जाकिर इस्माईली व नूरुल हसन नूर के बेहतरीन नातिया कलाम से महफिल में बैठे लोग देर रात तक झूमते रहे। कार्यक्रम में फिफ्जे कुरआन की शिक्षा पूरी करने वाले 14 छात्रों की दस्तार बंदी की गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौ०अलहाज मो०सिद्दीक अहमद नूरी ने किया। कार्यक्रम को मौ० हाफिज अरबाब अहमद, ग्राम प्रधान तबारकुल्लाह, अल्ताफ हुसैन, सद्दाम हुसैन, मो०यूनुस, सहादत हुसैन, इब्राहिम, जाफर, रज्जाक, जमील, शहीद अहमद, रईसआदि मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह मुश्तैद रही।

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