भारतीय संस्कृति पर प्रहार करने वाले सपा नेता व लोकसभा प्रत्याशी आजम खान को अधिवक्ता नागेन्द्र कुमार श्रीवास्तव उर्फ गुड्डू भैया की 2 टूक

0
589

श्रवण कुमार पटवा
सिद्धार्थनगर।

मौजूदा गठबंधन से रामपुर लोक सभा प्रत्याशी आजम खान के घृणित बयान को लेकर अधिवक्ता नागेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने 2 टूक कही है। अधिवक्ता नागेन्द्र कुमार श्रीवास्तव सिद्धार्थनगर ने वकालत करते है। उन्होंने सोसल मीडिया के माध्यम से कहा कि, “काफी अरसे से आजम खान जी द्वारा कह गए वक्तव्य को पढ़ सुन और देख रहा हूं कष्ट हुआ की राजनीति में ऐसे मानसिकता वाले लोग बुरी तरह अपना प्रभाव बनाए हुए हैं लगता है की आजम खान जी अपने घर में अपने मां बहनों बेटियों का भी नीचे का कपड़ा ताड़ते रहते है और इसी आदत के चक्कर में माननीय जयाप्रदा जी का भी ताड़ गए देखिए बुरा मानने वाली बात नहीं है चोर चोरी से जाए पर हेरा फेरी से नहीं जाता आदत कहीं ना कहीं दिखाई दे जाती है पारिवारिक संस्कारों का प्रवाह सरलता से खंडित नहीं होता बड़े नेता है बड़ी नजर है इसलिए खोज भी बड़ी वाली करते हैं हो सकता है कि कुछ उनके चमचों को हमारी बात थोड़ी खराब लगी हो तो सही बात यह है की इसीलिए कहीं ही है कि खराब लगे चमचों आपका समय भी शुभ हो अपना ख्याल रखें वैसे फौजदारी का अधिवक्ता हूं बिना फीस लिए राय देना पेशे में नहीं आता लेकिन आज फ्री की राय दे रहा हूं क्योंकि यह मामला पूरी तरह भारतीय संस्कृति और समाज से जुड़ा हुआ है इसलिए बता रहा हूं की अपनी मां बहन बेटियों को आजम खान के सामने लाने से बचे कहीं ऐसा ना हो किसी दिन उनके भी पेंटी का रंग बता दें और फिर आपके चेहरे का रंग उतर जाए इसलिए उनके चश्मे वाली नजर के सामने लाने से बचें।चमचों ने अगर हमें गाली दी तो शुक्रिया और ना दी तो दे दीजिए इससे दिल का बोझ हल्का हो जाएगा रात को नींद अच्छी आएगी दिन अच्छे से गुजरेगा बीमारियों से बचे रहेंगे झल्ला हट थोड़ी कम हो जाएगी ब्लड प्रेशर नॉरमल रहेगा दिल की भड़ास निकालना कोई बुरी बात नहीं है अच्छी बात है बिल्कुल निकालिए हम आपके स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं। क्योंकि हम और हमारा भारत वर्ष तो उस संस्कृति का है जहां लक्ष्मण जी से जब राम ने पूछा था की तुम सीता के आभूषण पहचानते हो तो वर्षों भाभी के साथ रहने के बाद भी लक्ष्मण जी ने कहा कि हम खाली उनके पैर की बिछिया पहचानते हैं क्योंकि हम रोज उनका चरण छूते हैं। आजम खान जी किस संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं कि 17 दिन में महिला की पेंटी का रंग पहचान लेते हैं यह भी सामाजिक तौर पर गहन मंथन एवं शोध का विषय हो गया है।” हालांकि आजम के इस बयान को लेकर सोसल मीडिया पर खूब थू-थू हो रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here