शोहरतगढ़ में धड़ल्ले से चल रही है सरकारी डाक्टर की प्राइवेट क्लीनिक

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पर्दाफाश न्यूज़

सिद्धार्थनगर।

शोहरतगढ़ का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हमेशा चर्चाओं में रहा है, चाहे मामला वर्चश्व की लड़ाई का हो अथवा सुविधाआंे का। इन दिनों चर्चा यह है कि इसी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर दंत चिकित्सक के रूप में कार्यरत डाक्टर राधेरमण मिश्रा जी ओपीडी टाइम में खुद का क्लीनिक चलाते है। खास बात और है, जब कोई मरीज ओपीडी टाइम में अस्पताल आता है तो उपकरण और बढ़िया दवा के न होने का बहाना बनाकर मरीज को अपने कमरे में संचालित क्लीनिक में आने को बोलते है, और मरीज दर्द के इलाज के लिये जाता भी हैं, जिसकी वो बढ़िया फीस भी लेते हैं।
मामले को जानने के लिए टीम अपने सहयोगी से दिनंाक 25 मार्च की सुबह 10 बजे 1 रूपये की पर्ची कटाई। डाक्टर साहब को अपनी परेशानी बताई, तो डाक्टर साहब ने कहा कि आपका दांत खराब हो रहा है, सिद्धार्थनगर जिले में जाकर एक्सरे कराना पड़ेगा, फिर उस हिसाब उसे दांत का उपचार किया या उखाड़ दिया जायेगा, या फिर मसाला भर दिया जायेगा। यहां यह व्यवस्था नहीं है। एक पल तो लगा कि बात ठीक हैं। लेकिन वहां से बाहर निकलने हुए नाम न छापने की शर्त पर विभाग के एक बन्धु ने बताया कि आपने सुविधा शुल्क नहीं दिया, इसलिए आपको बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। आप कमरे पर जाइये वहां डाक्टर साहब अपने आवास पर प्राइवेट में इलाज करते हैं।
टीम डाक्टर साहब को देखने लगी कि मामला क्या है? इसी बीच राधेरमण मिश्रा के केबिन से मरीज डाक्टर साहब के आवास पर गया, पीछे पीछे टीम भी जा पहुँची। जहां दन्त चिकित्सक ने खुद कबूला कि सभी औजार/उपकरण व दवा वह खुद लाये है, और अपने हिसाब से फी लेकर लोगों का इलाज करते हैं।
इस दौरान कार्य करते हुए रिपोर्टर ने उनकी बीडियो भी बनाई गयी जो सोसल मीडिया पर प्रचलित के साथ साथ सुरक्षित है। बातचीत के जब उनसे यह पूछा गया कि क्या शासन से दवा, उपकरण, मशीन नही मिलता, जिससे हॉस्पिटल में ही रहकर रोगी व्यक्ति का इलाज किया जा सके, तो डॉ साहब ने कहा कि शासन से चवन्नी का सामान नही आता। सब खुद लाना पड़ता है। यदि इस बयान को सही मान जाय तो योगी सरकार के दवा के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है यह बयान।
अब सवाल यह है कि क्या शासन द्वारा दंत विभाग में मरीजों के लिए उपकरण व दवा नही दिया जाता। साथ ही डाक्टर साहब किस अधिकारी के सह पर ओपीडी के समय अपने आवास में खुद के क्लिनिक की दुकान चलाते है, जांच का विषय है।
इस सम्बन्ध में जब मुख्य चिकित्साधिकारी आर.के. मिश्रा जी से बात की गयी तो उन्होने कहा कि कोई भी डाक्टर ओ.पी.डी. टाइम में प्राइवेट दुकान नहीं चला सकता है, दोषी पाये जाने पर कार्यवाही होगी। हालांकि चर्चा यह भी हैं कि जिले के वरिष्ठ अधिकारी की कृपा दृष्टि होने के कारण दन्त चिकित्सक राधेरमण मिश्रा कई वर्षो से शोहरतगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर जमे हुए है और अपना क्लीनिक दिन दूनी रात चैगनी बढ़ा रहे है। अब देखना यह है कि क्या डाक्टर साहब के अंगदी पाव को कोई हिला भी पायेगा अथवा नहीं, सवाल तो बनता ही है।

फोटो परिचय- OPD Time आवास में इलाज करते डा राधेरमण मिश्रा

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